भारत में सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी [सितम्बर 2023]

भारत में सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी: भारत में बकरी पालन का व्यवसाय अभी तेजी से बढ़ रहा है। यह एक ऐसा व्यवसाय है, जो कम लागत में अधिक मुनाफा देता है। गरीब वर्ग के लोगों के लिए बकरी पालन का व्यवसाय आय का मुख्य साधन भी बनता जा रहा है।

इस आर्टिकल में हम आपको भारत में सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी की नस्लों के बारे में पूरी जानकारी देंगे। अगर आप बकरी पालन का व्यवसाय दूध उत्पादन के लिए कर रहे हैं, तो आपके लिए यह आर्टिकल बहुत खास होने वाला है। इसलिए इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें।

भारत में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाली बकरी की नस्लें

अगर आप बकरी फार्म या बकरी पालन का व्यवसाय दूध उत्पादन के लिए करना चाहते हैं, तो आप सबसे ज्यादा दूध देने वाली बकरी की नस्लों का चुनाव करके अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। इसके अलावा बकरी पालन व्यवसाय में अन्य पशुओं की तुलना में नुकसान होने का बहुत कम खतरा होता है।

Bharat mein sabse Jyada dudh utpadan Karne Wale Bakre ki naslen

लेकिन पशु चिकित्सक के अनुसार, स्थान के हिसाब से ही बकरी की नस्ल का चुनाव करें। जिसके बारे में नीचे बताया गया है-

जखराना बकरी (Jakhrana Goat)

जखराना बकरी की नस्ल दूध उत्पादन देने में सभी राज्यों में अव्वल है। जखराना बकरी का पालन हरियाणा राज्य के निकट जिलों के गांव में किया जाता है। यह बकरी प्रतिदिन 2.5 से 3 लीटर तक दूध देती है। इसी कारण से अन्य राज्यों के बकरीपालक भी जखराना बकरी का पालन करने लगे। ताकि दूध उत्पादन में अधिक वृद्धि हो और अच्छा लाभ कमाया जा सके।

जखराना बकरी की नस्ल पूर्वी राजस्थान और उत्तरी – पश्चिमी के अर्द्ध शुष्क एवं शुष्क जलवायु वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। यह बकरी मुख्य रूप से राजस्थान के अलवर जिले के जखराना गांव से हैं। यहीं से इस बकरी का नाम जखराना रखा गया है। इस नस्ल की बकरियों का आकार बड़ा, शरीर का रंग काला और कान व मुंह पर सफेद धब्बे होते हैं। जखराना नस्ल की बकरियों को मुख्य रूप से दूध उत्पादन और बकरों को मांस उत्पादन के लिए पाला जाता है।

जमुनापारी बकरी (Jamnapari Goat)

जमुनापारी नस्ल की बकरियां ऊंचे और लंबी होती है। इस नस्ल की बकरी का पालन गंगा, यमुना, चंबल, इटावा और उत्तर प्रदेश के क्षेत्रों में किया जाता है। जमुनापारी बकरी पंजाब हरियाणा, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पाकिस्तान में पाए जाते हैं।

इस नस्ल की बकरियों का पालन मांस एवं दूध उत्पादन के लिए किया जाता है। इसलिए लोग इन्हें अच्छी कीमत पर खरीद लेते हैं। बकरीपालक भाई कम लागत में भी इन बकरियों को पाल सकता है। जमुनापारी बकरी प्रतिदिन 2 से 3 लीटर तक दूध देती हैं।

बरबरी बकरी (Barbari Goat)

बरबरी बकरी (Barbari Goat) का पालन उत्तर प्रदेश राज्य के एटा, आगरा और अलीगढ़ जिला में किया जाता है। बरबरी बकरी छोटे आकार की होती है। इस नस्ल की बकरियों के कान और सींग भी छोटे होते है। इन बकरियों का रंग सफेद होता है और भूरे रंग के छोटे-छोटे धब्बे होते हैं।

बरबरी बकरी का वजन 25 से 35 किलोग्राम और बकरे का वजन 35 से 45 किलोग्राम होता है। बरबरी बकरी प्रतिदिन 1 से 1.5 लीटर तक दूध दे सकते हैं। इस नस्ल की बकरियों का पालन मांस उत्पादन के लिए भी किया जाता है।

बीटल बकरी (Beetal Goat)

Beetal Bakri की नस्ल पंजाब के गुरदासपुर, फिरोजाबाद और अमृतसर के क्षेत्रों में पाली जाती हैं। बकरी का पालन मांस और दूध दोनों के लिए किया जाता है। बीटल बकरी 12 से 18 महीने के बीच में पहली बार बच्चे को जन्म देते हैं। बीटल बकरी अन्य बकरियों की तुलना में बड़ी और लंबी होते हैं। इसका रंग मुख्य रूप से काला होता है, कुछ बकरियों में सफेद और भूरा रंग भी पाया जाता है।

बीटल नर बकरी का वजन 50 से 70 किलोग्राम और मादा बकरी का वजन 40 से 60 किलोग्राम तक होता है। बीटल बकरी एक दिन में 1.5 से 4 लीटर तक दूध देते हैं। भारत में बीटल बकरी की कीमत 9,000 से लेकर 25,000 रुपए तक होती है।

सिरोही बकरी (Sirohi Goat)

इस नस्ल की बकरी राजस्थान के बांसवाड़ा, सिरोही, अजमेर, उदयपुर और राजसमंद के क्षेत्रों में पाली जाती है। यह नस्ल दुग्ध उत्पादन तथा मांस दोनों के लिए उपयोगी है। यह बकरी 18 से 24 महीने के बीच पहली बार बच्चे को जन्म देती है। सिरोही बकरियां सफेद और भूरे रंग का मिश्रण होती हैं और इनके बाल मोटे और छोटे होते हैं। इस बकरी की पूँछ पीछे की ओर टेढ़ी और मुड़ी हुई होती है, और सींग भी ऊपर और पीछे की ओर नुकीले होते हैं।

इस नस्ल के नर बकरों का औसत वजन 50-60 किलोग्राम और मादा बकरियों का 25-40 किलोग्राम होता है। सिरोही बकरियां प्रतिदिन 0.5 से 1.5 लीटर दूध देती हैं।

ब्लैक बंगाल बकरी (Black Bengal Goat)

ब्लैक बंगाल बकरी को दक्षिण और पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, मेघालय, त्रिपुरा और असम में पाला जाता है। यह बकरी छोटे पैरों वाली काले रंग की होती है, जिसके शरीर पर छोटे चमकदार बाल होते हैं। इस नस्ल को मांस उत्पादन के लिए पाला जाता है। इस नस्ल के नर बकरे का वजन करीब 18-20 किलो और मादा बकरी का वजन 15-18 किलो होता है। ब्लैक बंगाल बकरियों के दूध उत्पादन की बात करें तो यह बकरी 3 से 4 महीने तक प्रतिदिन 300 से 400 मिली दूध का उत्पादन कर सकती है।

ओस्मानाबादी बकरी (Osmanabadi goat)

इस नस्ल की बकरियां महाराष्ट्र के उस्मानाबाद, अहमद नगर, परभणी और सोलापुर जिलों में पाली जाती हैं। इस नस्ल को विशेष रूप से मांस के लिए पाला जाता है, काले रंग की यह बकरी साल में दो बार बच्चों को जन्म देती है। उस्मानाबाद बकरियां आकार में मध्यम से थोड़ी बड़ी होती हैं, और कोट का रंग भिन्न होता है, लेकिन अधिकांश उस्मानाबादी बकरियां काली कोट वाली होती हैं। हालांकि इस पर सफेद, भूरा या धब्बेदार रंग भी देखे जा सकते हैं। इसके कान और टांगें आकार में लंबी होती हैं और यह बकरी दिखने में भी बेहद खूबसूरत दिखती है। अन्य बकरियों की तुलना में इस बकरी का गर्भकाल 5 माह का होता है तथा यह लगभग 4 माह के दुग्धकाल में 0.5 से 1.5 लीटर दूध देती है।

निष्कर्ष/ Conclusion

आजके इस आर्टिकल में हमने आपको भारत में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाली बकरियों के बारे में डिटेल में जानकारी दें।

आप हमें कमेंट करके बताएं कि आप किस नस्ल की बकरी का पालन करना चाहते हैं? अगर आप बकरी पालन से संबंधित कोई प्रश्न पूछना चाहते हैं, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

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