बकरी और बकरी के बच्चे के दस्त का घरेलू इलाज और रोकथाम

आज के इस लेख में हम आपको बकरी के दस्त की दवा, बकरी में दस्त के लक्षण और बकरी के दस्त का घरेलू इलाज के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं। बकरियों में दस्त एक गंभीर बीमारी है। अगर समय रहते इस बीमारी इलाज नहीं किया गया तो बकरी की मौत हो सकती है।

bakri ke dast ki dava

बकरियों में होने वाली 70 प्रतिशत बीमारियां साफ-सफाई का ठीक से ध्यान न रखने के कारण होती हैं। इसलिए आपको अपनी बकरियों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि आपको किसी तरह का नुकसान न हो। अगर बकरियों में कोई बीमारी है तो आप डॉक्टर से संपर्क कर सकते हैं।

बकरी में दस्त के लक्षण

बकरी को दस्त है, या नहीं? इसे जानने का सरल उपाय यह है कि बकरी की मिंगनी जब पतले तरल पदार्थ में बदल जाती है तो उसे दस्त कहते हैं। इसके अलावा बकरी बार-बार तरल पदार्थ को बाहर निकालती है। ऐसे में बकरी की भी मौत हो सकती है। अगर समय रहते इसका इलाज नहीं कराया गया तो समस्या बहुत बढ़ सकती है।

दस्त रोग कई प्रकार के होते हैं। जिनके बारे में हम नीचे बात करने जा रहे हैं। कभी-कभी बकरियों में किसी अन्य रोग के कारण भी दस्त हो सकता है।

बकरी के दस्त का इलाज करने से पहले यह जानना बहुत जरूरी है कि बकरी को सामान्य दस्त है या यह किसी संक्रमण के कारण हो रहे है। आपको उसी के अनुसार इलाज करना होगा।

सबसे पहले बकरी को सीधा खड़ा कर लें और फिर हाथों से बकरी के पेट पर मारें। दोनों तरफ मारने की कोशिश करें। अगर बकरी के पेट में पानी बोल रहा है तो बकरी को खाने-पीने की वजह से बदहजमी की शिकायत है.

इसके अलावा अगर बकरी के पेट में पानी नहीं बोलता है तो इसका मतलब उसे इंफेक्शन हो सकता है। जिसमें बकरी के दस्त में खून भी आ सकता है। इसके लिए आप नीचे बताए गए तरीके का इस्तेमाल कर सकते हैं। और अगर जल्द ही बकरी को आराम नहीं मिलता है तो आपको नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

  • खूनी दस्त को रोकने में एम्परोलियम (Amprolium) सबसे प्रभावी उपचार पाया गया है। शरीर के वजन के पांच पाउंड प्रति 1 ml या शरीर के वजन के तीन पाउंड प्रति 1 ml उपचार के लिए दिया जा सकता है लेकिन इससे पहले एक डॉक्टर से परामर्श किया जाना चाहिए।

बकरी के दस्त की दवा (बकरी का पतला पैखाना का दवा)

अगर आपकी बकरी को दस्त की समस्या है तो बकरी के दस्त की दवा के बारे में हमें आपको निचे बताया है:

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Ofloxacin And Ornidazole Tablets

बकरियों में दस्त रोकने में ओफ़्लॉक्सासिन और ऑर्निडाज़ोल की गोलियां (Ofloxacin And Ornidazole Tablets) कारगर हैं। इस टैबलेट को आप किसी भी मेडिकल स्टोर से खरीद सकते हैं।

  • 15 दिन के बच्चों को आधी गोली दें।
  • 15 से 1 महीने के बच्चों को एक गोली दें।
  • एक साल तक के बच्चों को डेढ़ गोली दें।

Cflox-TZ

cflox-tz छोटी बकरियों और बड़ी बकरियों के दस्त रोकने के लिए आप यह दवा दे सकते हैं। छोटी बकरियों को एक गोली और बड़ी बकरियों को आप दो गोलियां दे सकते हैं। एक दिन आप यह गोली बकरी को दे देना। जिससे दस्त बिल्कुल बंद हो जाते हैं।

Sulfadiazine

Sulfadiazine (सल्फाडियाजाइन) 5 ग्राम से 0.5 ग्राम तक बाजार में उपलब्ध है। छोटी बकरी को आधी गोली दें। और एक साल की बकरी को एक गोली दे। और 5 ग्राम की आधी गोली बड़े बकरे को। आप ये दोनों गोलियां बकरी को दे सकते हैं। यह गोली खिलाने से बकरी के दस्त बंद हो जाएंगे

Biotrim- im

बकरी में दस्त रोकने के लिए बायोट्रिम-इम (Biotrim- im) इंजेक्शन भी दिया जा सकता है। अगर गोली बकरी के इंजेक्शन से ठीक नहीं होती है। अगर बकरी के बच्चे का वजन 20 किलो से ऊपर है तो आप उसे 1/2 मि.ली. और बड़ी बकरी को 2ml तक दे सकते है. इसे आप बकरी को सुबह शाम दे सकते हैं।

बकरी का पेट खराब है घरेलू उपाय

बकरी का पेट खराब होने पर सबसे ज्यादा बकरी को अफारा (पेट फूलना) और दस्त लगने की संभावना ज्यादा होती है अगर आपकी बकरियों का पेट खराब है, तो आप नीचे दिए गए घरेलू उपचार का प्रयोग कर सकते हैं। वैसे तो अफारा और दस्त के घरेलू इलाज बहुत सारे हैं मगर इसमें से हमने आपको सबसे कारगर और फायदेमंद साबित होने वाले घरेलू इलाज के बारे में जानकारी दी है।

Bakri Ke Dast Ka Gharelu ilaaj

बकरी के दस्त का घरेलू उपचार

औषधिघरेलू इलाज
चना, जौ, गुड़चना या जौ का 20 ग्राम सत्तू (Sattu) और 10 ग्राम गुड़ ले। फिर दोनों को मिलाकर बकरी के वजन के हिसाब से खिला दें, इससे जल्द ही बकरी का पेचिस यानी दस्त बंद हो जाएगा। इस देसी दवा को आप अपनी बकरियों को दिन में 2 से 3 बार दे सकते हैं।
लौंगइसके लिए आपको बकरी के आकार और वजन के अनुसार 2 से 3 लौंग लेनी होगी, इसे गर्म तवे पर भून लें और रोटी में डालकर खिलाएं। इससे बकरी का दस्त भी जल्द ही बंद हो जायेगा।
मेंहदी के पत्ता, काला जीरावयस्क बकरी के लिए सबसे पहले 20 ग्राम सूखी मेंहदी की पत्तियां, 20 ग्राम काला जीरा लें, फिर दोनों को पीसकर उनका पाउडर बना लें और इस पाउडर को आधा लीटर छाछ में मिलाकर बकरी को पीने के लिए दें। यह दवा तीन दिन तक देनी है। यह एकमात्र रामबाण इलाज है।
छाछ और हल्दीअगर बकरी दस्त से पीड़ित है तो उसे छाछ में हल्दी मिलाकर पिलाएं। इसका प्रयोग केवल तभी करें जब गर्मी का मौसम हो। एक गिलास छाछ में आधा चम्मच हल्दी मिलाकर किसी भी तरह बकरी को पिलाएं। आपकी बकरी को आराम मिलेगा।
बबूल के पत्ता बबूल के पत्ते और थोड़ा सा जीरा पाउडर मिलाकर काढ़ा तैयार कर लें. फिर इसे ठंडा होने पर छानकर बकरी को दिन में दो बार सुबह और शाम को पिलायें। इससे बकरी को जल्द ही राहत मिलेगी।
चाय पत्तीआपको 30 ग्राम चाय की पत्ती लेनी है और फिर इसे पानी में अच्छे से उबाल लें। फिर इसे ठंडा करके बकरी को दें। ऐसा करने से बकरी के शरीर में पानी की कमी दूर हो जायेगी और दस्त बंद हो जायेंगे।

बकरियों में अफारा रोग घरेलू उपचार

औषधिबकरियों में अफारा रोग का घरेलू उपचार
मिट्टी के तेलबकरी की नाक के छेद में हर आधे घंटे में रूई के माध्यम से मिट्टी का तेल लगाएं। इससे बकरी के पेट में बनने वाली गैस को कम करने में मदद मिलती है।
तारपीन तेल और मीठा तेल20ml तारपीन का तेल और 50ml मीठा तेल मिलाकर बकरी को पिला दें। इससे बकरी के पेट में गैस बनाना और पेट फूलना तुरंत बंद हो जायेगा
हींग और सरसों70kg से 100kg की बकरी के लिए 20 ग्राम हींग और 100ml सरसों का तेल लें और दोनों को मिला लें, इसके बाद इसे बहुत सावधानी से बकरी को पीने के लिए दें। ताकि सरसों का तेल बकरे के फेफड़ों तक न पहुंचे. यदि बकरी छोटी है तो उसके वजन के अनुसार मात्रा की गणना करें। बस आधे घंटे बाद आपकी बकरियों को आराम मिलना शुरू हो जाएगा.
  1. बकरी के बच्चे को किया खिलाये, कहा से ख़रीदे, बीमारी और इलाज

बकरी का पेट खराब हो जाए तो क्या करें

यदि आपकी बकरी का पेट खराब है तो आप उसके स्वास्थ्य में सुधार के लिए निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

  • पेट की समस्या की पहचान: पहले तो यह जांच लें कि बकरी का पेट खराब किस कारण हुआ है। क्या बकरी ने खाने में कुछ गलत खा ली है, या फिर कोई अन्य समस्या हो सकती है जैसे कि पारजीविक संक्रमण, गैस, या अन्य रोग?
  • पर्याप्त पानी प्रबंधन: बकरियों को पर्याप्त पानी पिलाना महत्वपूर्ण है, ताकि वे हाइड्रेटेड रहें। पेट की समस्याओं के चलते वे केवल पानी पी सकते हैं, इसलिए पानी की व्यवस्था को बढ़ा दें।
  • देखभाल और पोषण: बकरी को सही पोषण दें और उसका ध्यान रखें। उसको उचित आहार दें और उसके खाने की मात्रा को नियंत्रित करें।
  • दवा: यदि आपको बकरी के पेट की समस्याओं के कारण और उपचार के बारे में जानकारी है, तो आप इसके इलाज के लिए दवा दे सकते हैं।
  • वेटरिनेरीन डॉक्टर की सलाह: यदि बकरी का पेट खराब रहता है और उसकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है, तो आपको वेटरिनेरीन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

आपकी बकरी के स्वास्थ्य की निगरानी महत्वपूर्ण है, इसलिए उसके खाने, पीने, और आम दिनचर्या का ख़ास ख्याल रखना अच्छा होता है।

बकरी के दस्त रोकने के उपाय

अगर बकरियों पर थोड़ा सा ध्यान दें तो उन्हें दस्त होने से रोका जा सकता है। बकरियों में दस्त होने के कई कारण अक्सर जिम्मेदार होते हैं। आमतौर पर अगर हम बकरियों के रहने की जगह को साफ सुथरा नहीं रखते हैं, तब भी उन्हें दस्त हो सकता है। बकरी के दस्त रोकने के उपाय के बारे में निचे बताया गया है:

bakri ke dast rokne ke upay

‌‌‌बकरियों की डिवोर्मिंग जरूर करवाएं:

अगर बकरियों को समय पर डिवर्मिंग (कृमिनाशक) नहीं मिलती है तो उनके पेट में कीड़े पनप जाते हैं। जो बाद में दस्त का कारण बनता है। इससे पेट में कई तरह की समस्याएं हो जाती हैं। इसलिए हर 6 महीने में एक बार बकरी को कृमिनाशक दवा जरूर पिलाएं। खासकर बकरी के छोटे बच्चों को कृमिनाशक दवाई देना बहुत जरूरी है।

व्यर्थ फ़ीड को नियमित रूप से हटाना:

आमतौर पर देखा गया है कि कुछ लोग लंबे समय तक चारे में से बेकार फीड को नहीं हटाते हैं। और नमी मिलने के बाद वहां कई प्रकार के परजीवी विकसित हो सकते हैं इसलिए समय-समय पर व्यर्थ आहार को हटाते रहें।

‌‌‌बकरी के फर्श को साफ और सूखा रखें:

बेहतर होगा कि आप बकरी को पक्के फर्श पर न बांधें। क्‍योंकि पेशाब करने से फर्श गीला हो जाएगा। और यह नहीं सूखेगा और अगर नहीं सुखाया तो वहां कई परजीवी पनप सकते हैं। बकरी को हमेशा सूखी जमीन पर ही बांधे और अगर जमीन गीली है तो आप वहां सूखी मिट्टी डाल सकते हैं। इसके अलावा समय-समय पर गंदगी को साफ करते रहें।

‌‌‌बकरी को साफ पानी पिलाएं:

अगर बकरी को खराब पानी पिला दिया जाए तो परजीवी बकरी के पेट में भी जा सकता है। इस कारण पशुओं के पानी के बर्तनो को समय-समय पर साफ करने की सलाह दी जाती है। और आप इसमें दवा भी छिड़क सकते हैं। ताकि परजीवी मर जाए।

बकरी फार्म में दस्त की गोलियां रखें:

अगर आपका बकरी फार्म है तो आपको अपने फार्म में दस्त की गोलियां रखनी चाहिए। इसका फायदा यह है कि जब भी बकरी को दस्त हो जाए तो आप उसका तुरंत इलाज कर सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि हम किसी काम में व्यस्त रहते हैं और इस वजह से बकरी के लिए दस्त की दवा नहीं ला पाते हैं. ऐसे में बकरी की हालत और भी खराब हो जाती है।

‌‌‌बकरी के खाने पीने पर ध्यान दें:

बकरी में दस्त होने का कारण यह है कि आप अक्सर उसे कुछ गलत चीजें खिला देते हैं। जिससे उन्हें अपच की समस्या हो जाती है। कुछ लोग बकरियों को मिठाई आदि खिलाते हैं या अधिक रोटी खिलाते हैं जो बकरियों के लिए हानिकारक होती है। आपको बता दें कि मनुष्य जो स्वादिष्ट खाना खाता है वह बकरियों के लिए उपयुक्त नहीं होता है। इसलिए बेहतर होगा कि इन्हें न ही खिलाएं।

‌‌‌बकरी के बच्चे को ज्यादा दूध न पिलाएं:

अगर बकरी का छोटा बच्चा है तो उसे बकरी का ज्यादा दूध कभी न पीने दें। क्योंकि इससे उसे दस्त की शिकायत हो सकती है। बच्चे को कम दूध पिलाएं। खासतौर पर उतनी जितनी जरूरत हो। नहीं तो बकरी का बच्चा इसे हजम नहीं कर पाएगा।

बकरी के खाने में नमक डालें:

बकरी के खाने में नमक मिला देना चाहिए। इसके लिए आप सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं। बकरी को सेंधा नमक देने से उसे बदहजमी की समस्या नहीं होगी। और बकरी को दस्त भी नहीं होगा।

बकरी के बच्चे को मिट्टी खाने से रोके:

मिट्टी खाने से बकरी के बच्चे में दस्त भी हो सकते हैं। कई बार ऐसा होता है कि बकरी के बच्चे मिट्टी खाने लगते हैं और हमें पता भी नहीं चलता, बाद में बच्चे को दस्त हो जाते हैं। जब बकरी के बच्चे मिट्टी खाते हैं तो उनके पेट में कीड़े हो जाते हैं। जो दस्त का कारण बनता है।

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बकरी के दस्त का कारण

बकरी को दस्त कई कारणों से हो सकता है। यह बैक्टीरिया, प्रोटोजोआ, वायरस, कीड़े, तनाव, विषाक्त पदार्थों और भोजन के कारण हो सकता है। बकरियों में दस्त होने के कारण नीचे दिए गए हैं:

बकरी के भोजन मे अचानक से परिवर्तन होना:

बकरी के भोजन में अचानक परिवर्तन हो जाए तो उसे दस्त की समस्या हो सकती है। आप लगातार बकरी को जो भी भोजन दे रहे हैं। अगर आप एक ही चीज देते रहते हैं, अगर आप भोजन में बदलाव करते हैं, तो बकरी इसे पचा नहीं पाती है, तो उसे दस्त हो सकते हैं।

उदाहरण के लिए यदि आपके पास एक बकरी है और आप उसे दाना (अनाज) देना शुरू करते हैं तो पहले कम से कम दाना देना शुरू करें, अगर आप अचानक उसे अधिक दाना दे देंगे तो उसे दस्त हो सकते हैं। इसी तरह बकरी के बच्चे को ज्यादा दूध न पीने दें, नहीं तो दस्त की समस्या हो सकती है।

‌‌‌बकरी के पेट मे कीड़े होना:

बकरियों में पेट के कीड़े भी दस्त का कारण बन सकते हैं। अगर बकरी को कीड़े की समस्या है, तो दस्त होना संभव है। और अगर आपने बकरी को कृमिनाशक गोली दी है, तो हो सकता है कि कीड़े इसके प्रतिरोधी हो गए हों। मूल रूप से, कीड़े वाली बकरी को दस्त या एनीमिया या दोनों हो सकते हैं। जबड़े (बॉटल जॉ) के नीचे सूजन भी कीड़े का लक्षण हो सकता है। बकरी के पेट में कीड़े होने के लक्षण दिखे तो उसे डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

‌‌‌दवाओं की वजह से दस्त होना:

कभी-कभी जब हम बकरी को कोई दवा देते हैं तो इससे दस्त भी हो सकते हैं। अगर आप बकरी को दवा दे रहे हैं और उसे दस्त हो जाते हैं तो दवा बंद कर देनी चाहिए और उसके बाद डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। उसके बाद ही कुछ करना चाहिए।

बकरी के बच्चे को दस्त का इलाज

bakaree ke bachche ko dast lage to kya karana chaahie

बकरी के बच्चे को दस्त लगना आम बात है क्योंकि बकरी के बच्चे कई बार ज्यादा दूध पी लेते हैं या फिर मिट्टी, कंकड़ पत्थर या फिर कुछ भी खा लेते हैं जिसकी वजह से बकरियों के बच्चों को दस्त लग जाते हैं।

सबसे पहला काम कि आप बकरी के बच्चे को कीड़े की दवा अवश्य दे। कीड़े की दवा देने के बाद हम जो भी बकरी के बच्चे को दस्त रोकने के लिए दवा देते हैं उस दवा का असर बहुत ही जल्द होता है और दस्त में आराम बहुत जल्दी मिल जाता है इसके बाद दूसरा काम जहां भी आप बकरी के बच्चे और मां दोनों को रखते हैं वह जगह को साफ सुथरा रखें और जब भी बकरी के बच्चे को दूध पिलाएं तो बकरी के थन को धो लें और उसके बाद ही बच्चे को दूध पीने दें। बकरियों के बच्चों में दस्त रोकने के लिए अब क्या करना चाहिए?

हमने आपको बकरी के बच्चों में दस्त रोकने के कुछ घरेलू उपचारों के बारे में जानकारी दी है। जिसकी जानकारी आपको नीचे दी गई टेबल में मिल जाएगी।

सामग्रीबच्चे की उम्रदवा देने का समयदिन
10 ml छाछ और 1 से 2 ग्राम हल्दी1 से 60 दिनसुबह और शाम2 से 3 दिन तक
20 ml छाछ और 2 से 3 ग्राम हल्दी2 से 3 महीनेसुबह और शाम2 से 3 दिन तक
10 ml बास के पत्ते का रस1 से 60 दिनदिन में एक बार4 से 6 दिन तक
20 ml बास के पत्ते का रस2 से 3 महीनेदिन में दो बार4 से 6 दिन तक
5 ml चाय पत्ती का काढ़ा1 से 30 दिनदिन में एक बार4 से 6 दिन तक
10 ml चाय पत्ती का काढ़ा2 से 3 महीनेदिन में एक बार4 से 6 दिन तक

बकरी के बच्चे को दस्त लगे तो क्या करें

बकरियों के बच्चों में डायरिया एक आम समस्या हो सकती है, और इसे जल्द से जल्द ठीक करने के लिए कदम उठाना महत्वपूर्ण है। यहाँ कुछ घरेलू उपचार दिए गए हैं जो आपके बकरी के बच्चे के दस्त को कम करने में मदद करेगा।

सामग्रीइलाज
इलेक्ट्रोलाइट घोल1 लीटर गर्म पानी में 1 बड़ा चम्मच चीनी, 1/2 छोटा चम्मच नमक और 1/4 छोटा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं। खोए हुए तरल पदार्थ और इलेक्ट्रोलाइट्स को बदलने में मदद करने के लिए इस घोल को अपने बकरी के बच्चे को दिन में कई बार पिलाएं।
प्रोबायोटिक्सप्रोबायोटिक्स आंत में बैक्टीरिया के प्राकृतिक संतुलन को बहाल करने में मदद कर सकते हैं। आप बकरी के बच्चे को प्रोबायोटिक्स पूरक के रूप में या उन्हें दही या केफिर खिला सकते हैं।
उबले हुए चावल और चिकनपकने तक थोड़ी मात्रा में चावल और चिकन उबालें, और दिन भर में इसे अपनी बकरी के बच्चे को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में खिलाएं। यह उनके पाचन तंत्र को शांत करने और कुछ पोषण प्रदान करने में मदद कर सकता है।
पेप्टो-बिस्मोलआप बकरी के बच्चे को पेप्टो-बिस्मोल की थोड़ी मात्रा दे सकते हैं ताकि उनके पेट को शांत करने और दस्त को कम करने में मदद मिल सके। खुराक शरीर के वजन के 10 पाउंड प्रति 1 मिलीलीटर होना चाहिए, प्रति दिन अधिकतम 30 मिलीलीटर तक।
लहसुनलहसुन में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं जो डायरिया पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में मदद कर सकते हैं। लहसुन की कुछ कलियों को पीसकर बकरी के बच्चे के खाने में मिला दें।

आवश्यक सूचना:- अपने बकरी के बच्चे की स्थिति की बारीकी से निगरानी करना याद रखें, यदि उनका दस्त बना रहता है या बिगड़ जाता है, यदि बच्चों में बीमारी के अन्य लक्षण दिखाते हैं जैसे कि भूख कम लगना या सुस्ती तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।

बकरी के बच्चों में पेचिश के कारण

पेचिश एक ऐसी बीमारी है जो पाचन तंत्र को प्रभावित करती है और रक्त और बलगम के साथ गंभीर दस्त का कारण बनती है। बकरी के बच्चों में पेचिश के कई संभावित कारण हैं, जिनमें शामिल हैं:

  1. जीवाणु संक्रमण: बकरी के बच्चों में पेचिश जीवाणु संक्रमण जैसे साल्मोनेला, ई. कोलाई, या क्लॉस्ट्रिडियम इत्रिंगेंस के कारण हो सकता है। ये बैक्टीरिया दूषित भोजन, पानी या पर्यावरण में पाए जा सकते हैं।
  2. वायरल संक्रमण: कुछ वायरस भी बकरी के बच्चों में पेचिश का कारण बन सकते हैं, जैसे कि कैप्राइन हर्पीसवायरस और रोटावायरस। ये वायरस अत्यधिक संक्रामक हैं और एक झुंड के भीतर तेजी से फैल सकते हैं।
  3. प्रोटोजोआ संक्रमण: बकरी के बच्चों में पेचिश का एक अन्य संभावित कारण प्रोटोजोआ संक्रमण है, जैसे कि कोसिडियोसिस, जो प्रोटोजोआ परजीवी ईमेरिया एसपीपी के कारण होता है। ये परजीवी दूषित पानी या फ़ीड में पाए जा सकते हैं।
  4. खराब स्वच्छता: खराब स्वच्छता भी बकरी के बच्चों में पेचिश का कारण बन सकती है। गंदे बिस्तर, दूषित पानी और चारा, और भीड़भाड़, ये सभी संक्रमण के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
  5. तनाव: तनाव प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है और बकरियों को संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है। इसमें पर्यावरणीय तनाव जैसे अत्यधिक मौसम, साथ ही प्रबंधन तनाव जैसे लगातार हैंडलिंग या परिवहन शामिल हो सकते हैं।

बकरी के दस्त से संबंधित कुछ प्रश्न

  1. क्या बकरी को अधिक गुड़ देना दस्त का कारण हो सकता है?

    हां, बकरी को अधिक गुड़ देने से दस्त लग सकते हैं। गुड़ बकरी के शरीर में गर्मी पैदा करता है। अधिक गुड़ बकरियों में दस्त का कारण बन सकता है।

  2. हरा चारा अधिक खाने से बकरी को दस्त की समस्या हो गई है। इसका उपाय क्या है?

    अगर आपकी बकरी ज्यादा हरा चारा खा रही है तो संभव है कि उसका पेट खराब हो गया हो। आप बकरी को छाछ में हल्दी मिलाकर दे सकते हैं। और सूखा चारा खिलाएं। पहले बकरी के पेट को हिलाएं और देखें कि उसका पेट खराब है या कोई और समस्या है। अगर बकरी में कोई और इंफेक्शन हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

  3. बकरी के बच्चे में दस्त रोकने का उपाय?

    एक छोटी चम्मच चाय पत्ती को एक कप पानी में उबाल लेना है। उसके बाद ठंडा होने पर उसमें दो चुटकी हल्दी और दो चुटकी मेहंदी की मिलकर बकरी के बच्चे को पिला दे। यह एक रामबाण इलाज है इससे बकरी के बच्चे को दस्त में जल्द आराम मिलेगा।

  4. बकरी के दस्त का देसी इलाज

    ‌‌‌बकरी को छाछ और हल्दी दें: अगर बकरी दस्त से पीड़ित है तो उसे छाछ और हल्दी पिलाएं। गर्मी का मौसम हो तो ही इसका इस्तेमाल करें। एक गिलास छाछ में हल्दी मिलाकर किसी भी तरह बकरी को खिला दें। आपकी बकरी को आराम मिलेगा।

  5. बकरा या बकरी के पेट में दर्द का घरेलू इलाज

    अगर किसी बकरी या बकरी को पेट फूलने के कारण पेट में दर्द हो तो इसके लिए आधा चम्मच सोडा, 5 ग्राम हींग और थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर बकरी को खिलाएं। बकरी को चाहे किसी भी प्रकार का पेट दर्द हो, उसे खिलाने से तुरंत राहत मिलेगी।

  6. बकरी को दस्त लगने पर क्या खिलाना चाहिए?

    यदि बकरी को दस्त हो तो नेबलोन (Neblon) पाउडर का प्रयोग करें। बड़ी बकरियों के लिए, ताजे पानी या चावल के दलिया में 15 ग्राम

  7. बकरी के बच्चे को दस्त लगे तो क्या करना चाहिए?

    बकरियों के बच्चों में दस्त सबसे गंभीर बीमारी होती है। इस बीमारी से पीड़ित बच्चे की मौत हो सकती है। इसलिए सबसे पहले किसी पशुचिकित्सक से संपर्क करें। वह आपको सही उपचार का सुझाव देंगे।

निष्कर्ष/ Conclusion

आजके इस आर्टिकल में हमने आपको बकरी के दस्त की दवा, बकरी में दस्त के लक्षण और बकरी के दस्त का घरेलू इलाज इसके बारे में डिटेल में जानकारी दी है।

आप हमें कमेंट करके बताएं कि आप बकरी के बच्चों को इस प्रकार का आहार देते हैं और बकरियों के दस्त का इलाज कैसे करते हो?

अगर आप बकरी पालन से संबंधित किसी भी प्रकार का प्रश्न पूछना चाहते हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताये

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